रूस से भारत आने वाले तेल के टैंकरों के किराए में बड़ी गिरावट आई है। इससे भारत को रूसी तेल सस्ता मिल रहा है। हालांकि होर्मुज में ताजा विवाद के चलते तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है।
नई दिल्ली: जुलाई महीने में पश्चिमी बंदरगाहों से भारत आने वाले रूसी कच्चे तेल (यूराल्स) के किराए में भारी कमी आई है। जुलाई महीने में रूस के पश्चिमी समुद्री तटों से भारत तेल लाने वाले बड़े जहाजों (टैंकरों) का भाड़ा पिछले महीने के मुकाबले काफी घट गया है। रॉयटर्स के मुताबिक गर्मियों के मौसम और बाजार में जहाजों की उपलब्धता बढ़ने के कारण माल ढुलाई की लागत में यह कमी आई है।
परिवहन लागत में आई यह गिरावट रूसी तेल निर्यातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। दरअसल, एशिया में कमजोर मांग और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों से मिल रहे तेल के कारण यूराल्स कच्चे तेल पर डिस्काउंट यानी छूट बढ़ गई थी, जिससे रूसी निर्यातकों का मुनाफा दबाव में था।