नवंबर 1992 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना के दौरान क्रिस डट्टी और उनके साथी एक भयानक स्थिति का सामना करते हैं, जब उनका हेलीकॉप्टर एक ज्वालामुखी में गिर जाता है।
मुख्य बिंदु
- परिवेश और शूटिंग: क्रिस डट्टी, पायलट ग्रेग हॉस्किंग, और कैमरा असिस्टेंट माइक बेनसन एक फिल्म की शूटिंग करने के लिए हेलीकॉप्टर में थे, जब उनका हेलीकॉप्टर एक चट्टान से टकराकर एक ज्वालामुखी के क्रेटर में गिर गया।
- अनियंत्रित उड़ान: हेलीकॉप्टर होते हुए धुएं में घुस गया और ग्रेग ने चिल्लाया कि वे गिरने वाले हैं। हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा एक चट्टान से टकरा गया और यह तेजी से गिरने लगा।
- भयावह रात: दुर्घटना के बाद, डट्टी को पूरी रात ज्वालामुखी के क्रेटर में बितानी पड़ी, जहाँ उबलता लावा उनके पैरों के ठीक नीचे बह रहा था।
- यादें और दृष्टिकोण: डट्टी ने इसे एक शानदार अनुभव मानते हुए कहा था कि वह अद्भुत काम करते समय बहुत खुश थे। लेकिन बाद में जब सब कुछ नियंत्रण से बाहर हो गया, तो यह स्थिति बेहद डरावनी बन गई।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना थी, बल्कि यह एक व्यक्ति के लिए मौत के मुँह से लौटने का अनुभव भी थी। ज्वालामुखी की भयावहता और उनके सामने आने वाले खतरों ने उस रात को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।
