पुणे: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने शनिवार को कहा कि आजादी का अर्थ केवल अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी करने की स्वतंत्रता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य निभाना भी है। लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित होने के बाद उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर देश निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। डोभाल ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता लंबे संघर्ष और अनगिनत बलिदानों का परिणाम है। इसलिए नई पीढ़ी को आजादी का सही अर्थ समझना होगा। उन्होंने कहा कि यदि युवा राष्ट्रहित को अपना सर्वोच्च लक्ष्य बना लें तो भारत इतिहास का नया स्वर्णिम अध्याय लिख सकता है।
सुरक्षा के हर बड़े फैसले में डोभाल की अहम भूमिकाः शाह
समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डोभाल को सम्मानित करते हुए कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के पहले महत्वपूर्ण निर्णयों में अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करना शामिल था। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने, सशस्त्र बलों की रक्षात्मक और आक्रामक क्षमता बढ़ाने तथा विदेश नीति को अधिक प्रभावी बनाने में डोभाल की निर्णायक भूमिका रही है। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर बड़े निर्णय के पीछे डोभाल की महत्वपूर्ण सलाह और रणनीतिक भूमिका रही है।
