स्पेन ने फीके और कमोबेश निराशाजनक रहे वर्ल्ड कप फ़ाइनल में अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार पुरुष फुटबॉल विश्व कप का ख़िताब अपने नाम किया.
मैच का एकमात्र गोल फेरान टोरेस ने किया, उन्होंने 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही अर्जेंटीना की कड़ी चुनौती को आख़िरकार तोड़ दिया.
यूरोपीय चैंपियन स्पेन ने पूरे मुक़ाबले में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना की तुलना में अधिक और बेहतर मौके बनाए. दूसरी ओर अर्जेंटीना का खेल काफी हद तक रक्षात्मक और मुकाबले की रफ़्तार पर ब्रेक लगाने वाला रहा.
अतिरिक्त समय शुरू होने से ठीक पहले एंज़ो फर्नांदेज को रेड कार्ड दिखाए जाने के बाद टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने पर मजबूर हुई.
मैच के 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने स्थानापन्न खिलाड़ी निको विलियम्स के हेडर को कंट्रोल करते हुए नज़दीक से जोरदार शॉट लगाया, जिसे अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज़ रोक नहीं सके.
यही गोल स्पेन को वर्ल्ड चैंपियन बनाने के लिए काफी साबित हुआ.
हालाँकि विश्लेषकों के मुताबिक बहुप्रतीक्षित फाइनल उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका.
मुक़ाबला लगातार रुकावटों और कड़े संघर्ष के कारण रोमांचक होने के बजाय थकाऊ बन गया.
मैदान के बाहर हालांकि वर्ल्ड कप का रंग-रूप पूरी तरह अलग था.
मैच से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हेलीकॉप्टरों के बेड़े के साथ न्यू जर्सी पहुंचे, जबकि वर्ल्ड कप के इतिहास के पहले हाफ-टाइम शो में शकीरा, मैडोना और जस्टिन बीबर ने प्रस्तुति दी.
इस कारण मध्यांतर सामान्य 15 मिनट की बजाय 27 मिनट का रहा.
