कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चोरी का मामला उठाया है। उन्होंने जल्द कार्रवाई की मांग की है और आरएसएस, वीएचपी का नाम लिया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और इसपर पीएम मोदी को चुप्पी तोड़नी चाहिए।
नई दिल्ली: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चोरी के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने जहां तीन बड़ी मांग की है तो वहीं मोजी सरकार को जमकर सुनाया है। इस पत्र में आरएसएस, वीएचपी का भी नाम लिया गया है। उन्होंने इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चुप्पी तोड़ने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों श्रद्धालु इस चोरी से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
राहुल और खरगे का पूरा पत्र पढ़िए
दोनों नेताओं ने तीन मांगें करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री जी आप श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हज़ारों करोड़ रुपये की चोरी के बारे में जानते हैं। जिन लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था, भक्ति और भरोसे के साथ अपनी मेहनत की कमाई दान की थी, वे इस चोरी से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
आपने भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्यों की नियुक्ति पूरी तरह से आपकी सरकार ने की है। यह बात सबको पता है कि ट्रस्ट के सदस्य RSS, VHP और उनसे जुड़े संगठनों से जुड़े हुए हैं।
इसके बदनाम पूर्व महासचिव भी आपके करीबी सहयोगी थे। ऐसे अपराध के मामले में आपकी चुप्पी स्वीकार्य नहीं है। जवाबदेही तय करना और नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य है। आपलोग इस मुद्दे पर जल्द से जल्द ध्यान दे दीजिए।
राहुल और खरगे की तीन मांग
हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप तुरंत ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और व्यापक जांच का आदेश दें, जिसमें नकद, सोना और चांदी सहित सभी चढ़ावों का प्रबंधन भी शामिल हो।
जांच के नतीजे और ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि हर श्रद्धालु को पता चल सके कि उनके चढ़ावे का इस्तेमाल कैसे किया गया है।
जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएं, उनके पद या प्रभाव की परवाह किए बिना उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।